कर्नाटक चुनाव का पहला ओपिनियन पोल

1 month ago Newspadho 0

12 मई को कर्नाटक विधान सभा का चुनाव होने वाला है जिसका परिणाम 15 मई को आएगा और यही चुनाव 2019 होने वाले चुनाव का रुख भी बताएगा । इस चुनाव को लेकर प्री पोल आने शुरू हो गए है पहला प्री पोल आजतक इंडिया टुडे ग्रुप का आया है । इस प्री पोल्ल के मुताबिक कर्नाटक में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलते नहीं दिख रहा है । ना ही सिद्धरमैया की वर्तमान कांग्रेस सरकार को और ना ही येदियुरप्पा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को और ना तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे जेडीएस के एचडी कुमार स्वामी को ।

224 सदस्यीय विधानसभा में बटवारे की राजनीती करने वाली कांग्रेस को 90 से 101 सीट मिलने की संभावना जताई गयी है जबकि बीजेपी को 78 से 86 सीटों पर जीत मिलने की संभावना व्यक्त की गयी है वही जेडीएस को 34 से 43 तथा अन्य के खाते में 04 से 07 सीटे जा सकती है । अगर वोट प्रतिशत की बात करे तो कांग्रेस को बटवारे की राजनीती करने के बावजूद 37 % वोट मिलने की संभावना है जबकि बीजेपी के खाते में 35 % वोट जाते दिख रहे है जेडीएस को 19 % और अन्य को 9 % तक वोट मिलने की संभावना है ।

अगर 2013 के चुनाव की बात करे तो कांग्रेस को 37 % वोटो के साथ 122 सीटों पर जीत हाशिल हुई थी जबकि बीजेपी को 20 % वोटो के साथ 40 सीटे मिली थी जेडीएस को 20 % 40 सीटे मिली थी मायावती भी कर्नाटक में किस्मत आजमा चुकी थी जिनको सिर्फ 1 % वोट मिले थे इस चुनाव में मायावती की बसपा जेडीएस के साथ गढ़बंधन में है । कुल मिलाकर अगर दोनों चुनाओ की तुलना की जाये तो हिन्दुओ के बाटने के कोशिश के बावजूद कांग्रेस का वोट प्रतिशत गिरा है और बीजेपी का बढ़ा है जबकि जेडीएस के वोट प्रतिशत में भी 1 % की कमी आयी है ।

 

किस पार्टी को कहा पर कितने वोट मिल रहे है

कर्नाटक में बंगलुरु का जो शहरी इलाका है जहा पर कुल 32 सीटे है वहाँ बीजेपी का बोल बाला है हालांकि फिर भी कांग्रेस को 14 से 15 सीटे आने के आसार है जबकि बीजेपी को 13 से 14 सीटे मिल सकती है वही जेडीएस को 2 से 3 सीट मिल सकती है ।बंगलुरु के बाद देहाती इलाके की शुरुआत होती है जहा जेडीएस का असर बहुत ज्यादा है । सेंट्रल कर्नाटक में वेल्लारी, चिकमंगलूर और देवान जैसे कुल 9 जिले और 57 सीटे है, वहाँ से कांग्रेस को बीजेपी के मुकाबले बढ़त मिलते नज़र आ रही है और 25 से 28 सीट मिल सकती है जबकि बीजेपी को 22 से 25 सीटों पर जीत की संभावना जताई गयी है । जेडीएस के खाते में 6 से 8 सीटे जा सकती है।कोस्टल कर्नाटक में उडुपी, दक्षिण कन्नड़ और उत्तर कन्नड़ जैसे जिलों में कुल 19 सीटे है जहा कांग्रेस का दब दबा है और 10 से 11 सीटे मिल सकती है बीजेपी को 7 से 8 सीटे मिल सकती है । तेलंगाना से सटे बीदर बल्गा और यादगीर इन तीन ज़िलों में 19 सीटे आती है जहा कांग्रेस को 9 से 10 सीटे मिल रही है और बीजेपी को 7 से 8 सीटे मिल रही है ।बगलकोट, बेलगाम, बीजापुर जैसे महाराष्ट्र से सटे जिलों में बीजेपी आगे निकल रही है और 21 से 22 सीटों पर जीत हाशिल करती दिख रही है जबकि कांग्रेस को 14 से 16 सीटे मिल सकती है । जेडीएस को 2 से 3 जबकि अन्य के खाते में 1 से 2 सीट जा सकती है ।साऊथ कर्नाटक में हासन, कोड़ा और मैसूर जैसे इलाके आते है कुल 9 जिले और 57 विधान सभा सीटे है ।साउथ कर्नाटक में ना बीजेपी आगे है और ना ही कांग्रेस यहाँ से जेडीएस आगे निकल रही है और कुल 24 से 27 सीटों पर अपना कब्ज़ा बना सकती है,कांग्रेस को 18 से 21 जबकि बीजेपी को 8 से 9 सीटे मिल सकती है ।साऊथ कर्नाटक से ही बीजेपी को सबसे बड़ा नुकसान होता दिख रहा है । सेंट्रल और साऊथ कर्नाटक के साथ बंगलुरु की सीटे महत्वपूर्ण है जो किसी भी पार्टी के लिए मुख्य किरदार निभाती है जबकि कोस्टल कर्नाटक की सीटे बहुमत के लिए अपना अलग महत्त्व रखती है ।

अब ऐसे में पोल के मुताबिक गढ़बंधन की सरकार बनने वाली है ऐसे में जेडीएस मुख्य किरदार निभा सकती है। अब देखने वाली बात यह है की जेडीएस किसके साथ जाती है । सर्वे के कुछ लोगो से यही सवाल पूछा गया की जेडीएस किसको सपोर्ट कर सकती है इसमें सामने आया की ऐसी दशा पे जेडीएस को कांग्रेस के साथ जाना चाहिए और कुल 39 % लोगो का ऐसा मानना था । 29 % लोगो का मानना था की जेडीएस को बीजेपी के साथ जाना चाहिए, वही 12 % लोगो का कहना था की दोनों में से किसी के साथ नहीं जाना चाहिए जबकि 19 % लोगो ने इस बारे के कुछ नहीं कह सकते ऐसा जवाब दिया । वही क्या कांग्रेस को अलग कार्यकाल मिलना चाहिए इस सवाल के जवाब में 45 % लोगो ने हां कहा जबकि 38 % लोगो का मानना है की बटवारे की राजनीती करने वाली कांग्रेस को दुबारा सत्ता नहीं मिलनी चाहिए। वही 16 % लोगो ने कहा कुछ नहीं कह सकते । सबसे बड़े मुद्दे के सवाल पर सबसे ज्यादा लोगो ने बेरोजगारी का जिक्र किया उसके बाद कीमतों में बढ़ोतरी उसके बाद भ्रष्टाचार और पेयजल की कमी है । लिंगायत का अलग धर्म की मांग पांचवा सबसे बड़ा मुद्दा है । उम्मीदवार की किस बात को ध्यान में रख कर वोट दिया जाए इस सवाल पर जवाब उम्मीदवार का चल चलन कैसा है ये सबसे ऊपर था इसके बाद आखिरी चुनाव के बाद उम्मीदवार का प्रदर्शन कैसा था । मुख्यमंत्री के रूप में पहली पसंद में 33 % वोट के साथ सिद्धरमैया जबकि दूसरे स्थान पर 26 % वोट के साथ येद्दिउरप्पा थे एचडी कुमारस्वामी 21 % के साथ तीसरे स्थान पर थे ।