CM योगी ने फिर खोली कैराना की फाइल

2 months ago Newspadho 0

अखिलेश सरकार में कैराना से हिन्दुओ के पलायन पर से झूठ का पर्दाफास करने के लिए CM योगी ने मिशन कैराना की शुरुआत कर दी है । पिछले साल कुछ न्यूज़ चैनल्स ने इस रिपोर्ट को दिखाया भी था जिसको अखिलेश ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया था की किसी एक पार्टी विशेष को खुश रखने के लिए ऐसी रिपोर्टिंग की जा रही है जबकि सच यह था की अखिलेश सरकार के कहने पर पुलिस ने झूठी रिपोर्ट तैयार की थी जिसे फिर से CM योगी ने खोलने के आदेश दे दिए है । अखिलेश सरकार में हिन्दुओ के पलायन पर जो झूट बोला गया था उसपर फाइल दुबारा खुलने से राजनीती में भूचाल आने के संभावना भी तेज़ हो गयी है ।फाइल खुलने के बाद यह सच सामने आने की पूरी संभावना है की आखिर क्यों कैराना से हिन्दुओ को पलायन करना पड़ा था अपना घर द्वार छोड़ कर ।

हिन्दुओ के पलायन की असली वजह मुस्लिम अपराधी है जिनको पिछले पाँच सालो तक अखिलेश सरकार ने सर आँखों पर बैठा रखा था लेकिन योगी सरकार आते ही कैराना का खौफ मने जाने वाले अपराधियों को 72 हुर्रो के पास भेज दिया गया । इन अपराधियों में सबसे बड़ा अपराधी था फुरकान जिसको आज़म खान की सह मिली हुई थी जिसकी वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं दाल पाती थी लेकिन योगी सरकार के आने के 2 महीने के बाद ही फुरकान को मौत के घाट उतार दिया गया । फुरकान के बाद नौशाद था जिस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगा हुवा था उसका भी जुलाई 2017 में इनकाउंटर कर दिया गया । शाबिद जो की एक लाख का इनामी बदमाश था, 12000 के इनामी बदमाश सरवर को पुलिस ने इनकाउंटर में ढेर कर दिया । कैराना में सबसे कुख्यात बदमाश मुकीम कला नाम के गैंगस्टर ने गुहार लगायी है की उसे जेल में ही रहने दिया जाये उसे डर है की उसका भी इनकाउंटर न कर दिया जाये जबकि अखिलेश सरकार इन्ही गुंडों के सामने नतमस्तक थी । उसी कैराना में कई अपराधी जेल से बेल मिलने के बावजूद जेल में ही पड़े है और वो जेल से बाहर नहीं आना चाहते है । सलीम और इरशाद नाम के अपराधी पोस्टर पर ऐसा लिख कर घूमते नज़र ए की वो अब अपराध नहीं करेंगे उन्हें माफ़ कर दिया जाये ।

यह फाइल योगी सरकार फिर से खोलने जा रही है जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश की राजनीती के एक बड़ा भूचाल आ सकता है क्युकी इस फाइल के खुलने के बाद कई बड़े लोगो के नाम सामने आने की संभावना है । इस मुद्दे पर मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा पुराणी फाइल जल्द बाज़ी में बनाई गयी थी जिसकी वजह से इसको दुबारा खोला जा रहा है । कैराना में प्रत्येक हिन्दू परिवार में इतनी दहसत है की जब घर से कोई लड़की पढ़ने के लिए भी निकलती है तो वह अकेले नहीं जा सकती उसके साथ उसके माँ बाप जरूर जाते है बहुत परिवार पलायन कर चुके है, कैराना के घरो पर यह लिखा हर जगह देखा जा सकता है जहा हिन्दू रहते है की यह घर बिकाऊ है । आखिर हिन्दुओ को ही क्यों मारा गया उनको कोई चिठ्ठी क्यों नहीं दी गयी की कैराना छोड़ के भाग जाओ मुस्लिम क्यों नहीं मरे गए यह सवाल उठने लाज़मी है । हिन्दुओ में बहुत डर है और वह दबकर रहने को मजबूर है ।

कश्मीर, बंगाल और केरल की तरह अखिलेश सरकार का पूरा प्लान था उत्तर प्रदेश में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक बनाने का मगर CM योगी ने फाइल फिर से खोलने का फैसला लिया है DGP और डिविजनल कमिशनर को चिठ्ठी लिख कर इस बारे में जानकारी मांगी है और इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है । 29 मार्च को लिखी गयी चिट्ठी में 28 फरवरी 2017 तक किये गए पलायन की जानकारी और डाटा गृह मंत्रालय को देने के लिए कहा गया है । चिट्ठी में यह भी कहा गया है जो रिपोर्ट दी गयी है वो मीडिया रिपोर्ट और लोगो की भावनाओ से मेल नहीं खाती है और यह भी पूछा गया है की इस बारे में अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया है । श्रीकांत शर्मा ने कहा की सपा सरकार एक समुदाय को बढ़ावा देती थी और गुंडागर्दी कराती थी जिस से लोग पलायन के लिए मजबूर होते थे हलाकि सपा सरकार ने उलटे ही भारतीय जनता पार्टी पर राजनीती करने का आरोप लगा दिया है । 2016 में कैराना से 250 से ज्यादा परिवार डर और दहशत की वजह से पलायन कर गए थे जिसके बाद मानवाधिकार मंत्रालय ने रोपर्ट मंगाई थी । राजधानी दिल्ली के पास बेस कैराना में कभी 17000 हिन्दू और करीब 14000 मुस्लिम हुवा करते थे जबकि अब 95 % मुस्लिम और 5 % हिन्दू है जिसकी वजह से हिन्दू का जीना दुस्वार हो गया है । पूर्व सांसद हुकुम सिंह ने भी राज्यसभा में 300 हिन्दू परिवारों के पलायन की बात कही थी । योगी सरकार आने के बाद हिन्दू सुरक्षित है सरकार का कहना है पलायन में कमी आयी है और यह पूरी तरह से भी रुक जाएगी । 2011 की जनगड़ना के मुताबिक 30 % हिन्दू आबादी थी जबकि 68 % मुस्लिम थे जबकि 2016 में मुस्लिम 92 % थे और हिन्दू सिर्फ 8 % रह गए थे ।