10 अप्रैल को सामान्य वर्ग का भारत बंद, लेंगे बदला

2 months ago Newspadho 0

विपक्ष एक साजिश के तहत पुरे देश में दंगा करा रहा है इनमे एक कड़ी 2 अप्रैल को और जुड़ गयी जब हालही में ममता बनर्जी के सह पर कराये गए बंगाल के दंगो से जनता का ध्यान हटाने के लिए एक और दंगा पुरे देश में कराया गया जिसमे दलितों के द्वारा विरोध के नाम पर मासूमो को मारा गया और लड़कियों के साथ छेड़खानी की गयी । यह विरोध सुप्रीम कोर्ट के द्वारा SC ST एक्ट में किये गए बदलाव के न लागु करवाने के लिए किया गया जिसमे सुप्रीम कोर्ट का पक्ष है के किसी भी मुकदमे में जिसमे SC ST एक्ट लगा हो गिरफ़्तारी से पहले जांच होनी चाहिए । देश में भारी भरकम आयकर भरने वाला सामान्य वर्ग जिनके पैसो की वजह से दलितों को सब्सिडी मिलती है चाहे वह गेहू, चावल हो या फिर हाल ही में प्रधानमंत्री की तरफ में मुफ्त में दिए गए गैस कनेक्शन । सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद विपक्ष की तरह में माहौल बनाया गया जिसके बाद ये दंगे हुए । देश के विभिन्न हिस्सो में अलग अलग तरह की घटनाए हुई कही कोचिंग संस्था जलने की कोशिश की गयी कही सरकारी संस्थानों को आग के हवाले कर दिया गया । कई जगहों पर लड़कियों के साथ छेड़खानी की गयी तथा कई जगहों पर अम्बेडकर की तस्वीर के निचे हिन्दू देवी देवताओ की तस्वीर रख कर उनपर थूका गया ।जिन दलितों को आरक्षण मिलने के बावजूद भीम लिखने नहीं आता वो भी आज जय भीम के नारे लगा रहे थे । अधिकतर लोग जो विरोध कर रहे थे उनको ये तक नहीं पता था के वो विरोध किस चीज़ का कर रहे है ।

 

जिस राहुल गाँधी को अपना धर्म और जाती तक नहीं पता, जो हर चुनाव में अपने फायदे के मुताबिक अपना जाती और धर्म बदल लेता है उसने भी भारत बंद का समर्थन करते हुए ट्वीट कर के दंगाइयों को सलामी दी । जिसकी माँ इटालियन दादा मुस्लिम थे । राहुल गाँधी के अलग अलग रूप विभिन्न चुनावो में पहले भी देखे जा चुके है गुजरात चुनाव के समय जनेऊधारी हिन्दू बने गाँधी हिन्दुओ को बाटने का मौका नहीं छोड़ते है पहले भी कर्नाटक चुनाव को देखते हुए लिंगायत समुदाय को हिन्दुओ से अलग करने का कानून पास कर चुकी है इनकी पार्टी ।

दलितों के नाम पर दंगा करने वालो में से दंगाप्रिय समुदाय के लोग भी देखे गए । ऊपर दर्शाए गए ट्वीट में जो लड़का है वो न ही दलित है और न ही करनी सेना में प्रोटेस्ट कर रहा यह राजपूत है यह एक मुस्लिम है जो राजनीतिक पार्टियों के सह पर हर दंगे में अलग अलग जाती के रूप में प्रदर्शन करता है कानून की नज़र में आ चूका और अपनी जान को खतरे में दाल चूका यह युवक एक मुस्लिम है जो अलग अलग पार्टियों से पैसे ले कर उनके सह पर हर प्रदर्शन में भागीदारी निभाता है । इस से पहले करनी सेना के द्वारा पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन में तलवार लेकर शामिल हुवा था और अब यह भीम सेना का हिस्सा बना हुवा है । आशा है की आने वाले सामान्य वर्ग के भारत बंद में इसकी सुध ली जाएगी ।

मासूमो और बच्चो के ऊपर अत्याचार कर रहे दलितों को कई शहरों में भगा भगा कर मारने की खबर भी सामने आयी है । पुलिस थानों को आग के हवाला करने के साथ विभिन्न सरकारी संस्थानों के तोड़ फोड़ करने वाले प्रदर्शनकारी जब पुलिस के हाथो चढ़े तो उनकी कुछ इस तरह से खातिरदारी की गयी । ठीक इसी तरह जनता ने मेरठ, हरियाणा और राजस्थान में भी प्रदर्शन कर रहे भीम सेना के तथाकथित क्रांतिकारियों को भगा भगा कर मारा है ।

इन दंगो की आड़ में विभिन्न पार्टियों के तथकथिन सेक्युलर नेता और राजनीतिक पार्टियों को अपनी राजनितिक रोटियां सेकने का भी मौका मिल चूका है देश के वृद्ध युवा राहुल गाँधी ने ट्वीट कर सलामी दी तो दलित वोटो की राजनीती करने वाले समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी बहती गंगा में हाथ धोना उचित समझा और ट्वीट कर के सरकार पर निशाना साधा ।

इस तस्वीर में देखा जा सकता है की खुद की पिछड़ा साबित करने के लिए दलितों के द्वारा उठाया कायर साहसिक कदम जिसके फलस्वरूप एक मासूम बच्ची को गंभीर चोट आयी है ठीक इसी तरह देश के विभिन्न हिसो से रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें सामने आयी है । कही पुलिस का सिपाही घायल हुआ है कही आम जनता को मारा पिटा गया है प्रदर्शन के नाम पर, तो कही महिलाओ और लड़कियों से छेड़खानी की गयी है । कई जगहों में गरीब दुकानदारों की रेड़ियो को पलट दिया गया और उनको आग के हवाले कर दिया गया । कानून व्यवस्था को पूरी तरह से तहस नहस करने की कोशिश की गयी । यातायात के साधन धप कर दिए गए । समय के साथ दलितों का पर्दर्शन उग्र होता गया ।

इस बंद को देखते हुए सामान्य वर्ग ने भी आरक्षण ख़तम करने की मांग को लेकर 10 अप्रैल को पुरे भारत में बंद बुलाया है जिनमे सामान्य वर्ग के लोगो को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की जा रही है । इस बार निशाने पर मुफ्तखोरी की आदत डाल चुके दलित है । सोशल मीडिया पे इस तरह की न्यूज़ शेयर की जा रही है की 10 अप्रैल को सामान्य वर्ग पुरे भारत में आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर सकता है और सरकार के समक्ष अपनी मांग रख सकता है जिसमे देश को दीमक की तरह खा रहा आरक्षण ख़तम करने की मांग की जाएगी । जिस से की देश के विभिन्न शहरों में दंगे करवा रही भीम सेना में भी खौफ का माहौल है । 10 को सामान्य वर्ग की सभी जातीया इस आंदोलन का हिस्सा बनने जा रही है ।सोशल मीडिया पर इसके लिए काफी जोर शोर से सामान्य वर्ग के द्वारा आंदोलन शुरू हो चूका है जो आने वाले 10 अप्रैल को पुरे देश में बंद के तौर पर देखने को मिल सकता है । देखने वाली बात यह होगी के इस प्रदर्शन में पुलिस, जनता और बजरंग दल से मर खा चुकी भीम सेना इस बार कहा छुपती है ।