शी जिनपिंग को मिला असीमित कार्यकाल

3 months ago Newspadho 0

जॉन ऐक्टन ने कहा था जहा पर पावर आ जाता है वहा अहंकार भी आता है और जहा असीमित पावर आ जाता है वह इंसान को बर्बाद कर देता है। पड़ोसी देश चीन के संविधान ने कुछ परिवर्तन किया है जिनमे से एक है प्रेसिडेंसियल और वाईस प्रेसिडेंसियल टर्म लिमिट जिसको वह से हटा दिया गया है। अमूमन किसी भी देश के जहा पर लोकतंत्र है वह प्रेसिडेंसियल टर्म लिमिट होती है उदाहरण के तौर पर संयुक्त राष्ट्र में कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में 2 बार से ज्यादा कार्यरत नहीं रह सकता । राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 सालो का होता है यानि वह 8 साल से ज्यादा समय तक राष्ट्रपति नहीं रह सकता है । बराक ओबामा भी 8 सालो तक राष्ट्रपति रहे । ठीक उसी तरह चीन में भी राष्ट्रपति को 2 बार देश की सेवा करने का मौका दिया जाता था यानि एक व्यक्ति 2 बार से ज्यादा बार राष्ट्रपति नहीं नियुक्त हो सकता है मगर चीन के संविधान में परिवर्तन हुवा और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए टर्म लिमिट हटा दी गयी अब XI JINPING चाहे तो आजीवन चीन का राष्ट्रपति बना रह सकता है । गौरतलब है की चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को चुनौती देने के लिए कोई नहीं है । चीन का लोकतंत्र भारत की तरह नहीं है की तमाम तरह की लोकतान्त्रिक पार्टिया है और हर चुनाव में बढ़चढ़कर हिस्सा लेती है । भारत के लोकतंत्र में ऐसी कोई भी टर्म लिमिट नहीं है किसी भी पद के लिए चाहे वो राष्ट्रपति है या प्रधानमंत्री ।

दुनिया के विभिन्न देशो में अलग अलग टर्म लिमिट है कम्बोडिया जो की भारत के काफी करीब है और आसिआन देशो का सदस्य भी है इस देश में HUN SEN जो की 65 वर्ष के है और 1985 से राज कर रहे है हालही में उन्होंने कहा था के आने वाले 10 या 15 सालो तक और अपनी सेवा देना चाहते है इस देश में कोई भी टर्म लिमिट नहीं है । कम्बोडिया को चीन से काफी सपोर्ट भी मिलता है,HUN SEN चीन का काफी वफादार भी है चीन कई सारे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है कम्बोडिया में ।

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एक अफ्रीकन देश chad जहा पर इदरीस देबय 1990 से लेकर वर्तमान तक शासन कर रहे है । इस देश में पहले टर्म लिमिट थी जी की 2 बार की थी, लेकिन इदरीस ने यह कह कर वह से टर्म लिमिट हटा दी की chad खतरे में है ।

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सेंट्रल एशिया में स्थित कज़ाकिस्तान में पहले राष्ट्रपति के लिए कोई भी टर्म लिमिट नहीं है लेकिन जनता के दबाव में आकर अब वह पर टर्म लिमिट सेट कर दी गयी है । अब 5 की 2 टर्म लिमिट है कज़ाकिस्तान में, लेकिन यह कानून वहा के पहले राष्ट्रपति के लिए लागु नहीं होती है और यह कानून वहा के पहले राष्ट्रपति नजरबायेव के द्वारा ही बनाया गया था।

चीन में XI JINPING काफी शक्तिशाली है उसके पास फॉरेन अफेयर्स के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी का जनरल सेक्रेटरी भी है और साथ ही साथ सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के चेयरमैन भी है । जनरल सेक्रेटरी की भी कोई टर्म लिमिट नहीं थी ।